पहाडों की गोद में बचपन बीता हो और नंदा देवी के मेले से जुड़ी यादें न समेटी हों! ये मुश्किल है। यूँ तो कई साल हो गए अल्मोड़ा में लगने वाले नंदा देवी के मेले का आनंद लिए हुये पर आज भी मेले की तिथी आते ही कानों में जैसे वो फूंक मारकर बजने वालेपढ़ना जारी रखें “मॉं नंदा , दैणी है जाये।।”